पाठ्यक्रम व सत्र

पाठ्यक्रम व सत्र

1. पाठ्यक्रम :-

शुक्ल-यजुर्वेद की माध्यन्दिनी संहिता पाठ्यक्रम का मुख्य भाग होगी। पाठ्यक्रम को पांच वर्षों में विभाजित करते हुये निम्नानुसार तय किया गया है-

  • प्रथम वर्ष - संहिता के 1 से 6 अध्याय तथा याज्ञवल्क्यशिक्षा पूर्वार्द्ध |
  • द्वितीय वर्ष - संहिता के 6 से 12 अध्याय तथा याज्ञवल्क्यशिक्षा उत्तरार्ध | पूर्व अध्ययन की आवृत्ति |
  • तृतीय वर्ष - संहिता के 12 से 20 अध्याय तथा पाणिनीयशिक्षा | पूर्व अध्ययन की आवृत्ति |
  • चतुर्थ वर्ष - संहिता के 20 से 30 अध्याय तथा पंचांग ज्ञान पूजन एवं ग्रह शान्ति | पूर्व अध्ययन की आवृत्ति |
  • पंचम वर्ष - ज्योतिष, वेद परिचय तथा सम्पूर्ण संहिता की आवृत्ति|

पूर्ण पाठ्यक्रम :-

3.सत्र :-

वेद विद्यालयों का सत्र निम्नानुसार होगा-

  • सामान्यतया सत्र 01 जुलाई से 31 मई तक रखा जायेगा|
  • 01 जून से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश रखा जायेगा|
  • 05 मई से 31 मई के मध्य वार्षिक परीक्षा ली जायेगी
  • प्रथम प्रवेश प्रक्रिया प्रतिवर्ष श्रावणी पर्व से प्रारंभ की जायेगी| सामान्यतया 5वीं कक्षा उत्तीर्ण न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तथा 10-12 वर्ष की आयु के छात्रों को ही प्रवेश दिया जायेगा|
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