नाट्यशास्त्र -पञ्च दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला

Event Name : Hon’ble CM VC ( राष्ट्रीय नाट्यशास्त्र कार्यशाला समापन समारोह )

Date and Time : 17/12/2021 , 04:00 PM

(A) Webinar Link for the Program through WebEx:

Event address for attendees :https://rajasthan-gov.webex.com/rajasthan-gov/onstage/g.php?MTID=e8435984c5b973f3f314a434c9526fd25

Event Number : 2523 549 6744

Password for attendees : jaipur123

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राष्ट्रीय नाट्यशास्त्र कार्यशाला उद्घाटन समारोह
जोधपुर कार्यशाला की घोषणा - प्रफेसर राधावल्लभ त्रिपाठी
Announcement for Jodhpur workshop - Professor Radhavallabh Tripathi

सन्देश

भरतेन भरतमुनिना वा प्रणीतं नाट्यशास्त्रं नाट्यं रङ्गमञ्चं वाऽऽश्रित्य प्रणीतं सुविशदं प्राचीनतमं शास्त्रम्। शास्त्रमिदं ख्रिष्टपूर्वं द्वितीयशतके सङ्कलितमिति ऐतिह्यविदो मनीषिणो निर्धारयन्ति । इदं खलु कलाविषयको विश्वकोशात्मको ग्रन्थ इत्यत्र नाऽस्ति संशीतिलेशः । ग्रन्थेऽस्मिन् सङ्गीतशास्त्रं सौन्दर्यशास्त्रं शिल्पशास्त्रं वास्तुशास्त्रं साहित्यशास्त्रं तथा चाऽन्यानि नैकानि शास्त्राण्युपविषयत्वेन सन्ति निबद्धानि । सप्तत्रिंशदध्यायेषु विभक्तेऽस्मिन् ग्रन्थे ६००० श्लोकाः सन्ति । नाट्यशास्त्रस्य प्रकाशनम् ऊनविंशशतके सौन्दर्यशास्त्रस्य रङ्गमञ्चस्य कलाय़ा इतिहासे काचिदपूर्वा घटना। विविधपाण्डुलिपीनां साहाय्येन पाठसंशोधनं विधाय नाट्यशास्त्रमिदं प्रकाशितमभूत् ।

भरत अथवा भरतमुति के द्वारा विरचित नाट्यशास्त्र नाट्य (नाटक एवं रंगमंच) पर सबसे विस्तृत एवं प्राचीन ग्रन्थ है। दूसरी शताब्दी ई0 पू0 संकलित नाट्यशास्त्र वास्तव में विश्वकोषीय प्रवृत्ति की एक कला है। नाट्यशास्त्र विभिन्न अनुशासित विषयों और उपविषयों जैसेः संगीतशास्त्र, सौन्दर्यशास्त्र, शिल्पशास्त्र, वास्तुशास्त्र, साहित्यशास्त्र जैसे विषयों की एक विशद श्रृंख्ला से भी संबंधित है तथा 37 अध्यायों में लगभग 6000 श्लोकों में पद्यरुप में निर्मित है। नाट्यशास्त्र की खोज उन्नीसवीं सदी में प्राप्त पाण्डुलिपियों और पाठ के बाद प्रकाशन के दौरान सौन्दर्यशास्त्र और रंगमंच के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक रही है।

Nāṭyaśāstra, ascribed to Bharata or Bharatamuni is the oldest and the Most voluminous treatise on nāṭya (Dramaturgy and Theatre). Compiled around the second century BC, the Nāṭyaśāstra is a work of truly encyclopedic nature, and it also deals with various allied disciplines and a wide range of subjects like music and musicology, aesthetics, architecture etc. It is composed in verse-form and comprises around 6,000 stanzas in 37 chapters. The discovery of the manuscripts of the Nāṭyaśāstra and the subsequent publication of the text during the

Prof. Radhavallabh Tripathi is one of the senior-most professors of Sanskrit in the country. He has served as Vice-Chancellor of Rashtriya Sanskrit Sansthan (Deemed University) at Delhi for five years (2008-13), as Vice Chancellor on additional charge at Shri Lal Bahadur Shasri Sanskrit Vidyapeeth for six months and as Vice Chancellor in charge of Dr. H.S. Gour University on a number of occasions. He worked as Visiting Professor at Silpakorn University, Bangkok …

PROF. RADHAVALLABH TRIPATHI

Our learners' verbatim


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इस कार्यशाला के द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी लाभांवित हो, ऐसी मेरी शुभकामनाएं हैं

नाट्यशास्त्र जिसे पंचम वेद माना गया है साथ ही जो सभी कलाओं का आधार है। इस पर आधारित यह कार्यशाला वास्तविक रूप में राजस्थान संस्कृत अकादमी और राजस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा एक अतुलनीय प्रयास है इसके द्वारा हमारी संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ उसका संरक्षण एवं संवर्धन भी होगा साथ ही इस कार्यशाला के द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी लाभांवित हो, ऐसी मेरी शुभकामनाएं हैं🙏
पद्मभूषण पण्डित विश्वमोहन भट्ट
ग्रेमी अवार्ड विजेता मोहन वीणा वादक
Raghuveer-Yadav

नाट्य शास्त्र कार्यशाला अपने आप में अद्भुत कार्यशाला होगी

राजस्थान संस्कृत अकादमी और राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के द्वारा आयोजित होने वाली यह पांच दिवसीय नाट्य शास्त्र कार्यशाला अपने आप में अद्भुत कार्यशाला होगी.. मैं सोचता हू नाट्यशास्त्र को लेकर बारीकी से विद्यार्थियों के साथ जो काम होगा उसके परिणाम रंगमंच को एक नई दिशा और दशा प्रदान करेंगे। ज़्यादा से ज़्यादा भागीदारिता करें ।
रघुवीर यादव
फिल्म एवं रंगमंच अभिनेता
Sartaj-Sir

मेरा आग्रह है कि सभी नाट्य प्रेमी इस नाट्य कार्यशाला में अवश्य रूप से भाग लें। 

राजस्थान संगीत नाट्य अकादमी और राजस्थान संस्कृत अकादमी मिलकर नाट्यशास्त्र पंच दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आयोजन कर रहे हैं। इसमें भारत रत्न भार्गव,महेश चंपकलाल , भार्गव ठाकर, डौली ठाकर और भरत गुप्त जैसे विद्वान लोग अपना जीवन भर का अर्जित ज्ञान नाट्य प्रेमियों से साझा करेंगे। ये बहुत ही अनूठी कार्यशाला होगी । मैं इस कार्यशाला का हिस्सा ज़रूर बनता किंतु स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से सम्मिलित नहीं हो पाऊंगा। मेरा आग्रह है कि सभी नाट्य प्रेमी इस नाट्य कार्यशाला में अवश्य रूप से भाग लें। 
सरताज नारायण माथुर
वरिष्ट नाट्य निर्देशक एवं लेखक
bhanu-bharti

आयोजकों एवं प्रतिभागियों को मेरी बधाई एवं शुभकामनाएं ।

जान कर प्रसन्नता हुईं कि राजस्थान संस्कृत अकादमी और राजस्थान संगीत नाटक अकादमी मिलकर नाट्यशास्त्र पर राधा वल्लभ त्रिपाठी जी के सानिध्य मे पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन करने जा रही हैं । त्रिपाठी जी उन लोगों में से हैं जो नाट्यशास्त्र की प्रायोगिक पद्धतियों को व्याख्यायित ही नहीं करते अपितु आधुनिक संदर्भों में उनकी प्रासंगिकता को भी रेखांकित करते रहे हैं । मुझे पूरा विश्वास है कि यह कार्यशाला न केवल राजस्थान के बल्कि भारतीय रंगकर्म को स्पंदित एवं प्रेरित करेगी । आयोजकों एवं प्रतिभागियों को मेरी बधाई एवं शुभकामनाएं ।
भानु भारती
प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक एवम नाट्य लेखक
Ashok-Rahi

इस ऐतिहासिक कार्यशाला के लिए सभी को शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं

राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर और संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर ने मिलजुलकर भरतमुनि के नाट्यशास्त्र पर जो पंच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की है , यह एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण काम है ...माननीय श्री राधा वल्लभ त्रिपाठी जी सहित इस कार्य कार्यशाला में महत्वपूर्ण विद्वान शामिल हो रहे हैं ,वे हमारे देश के प्रमुख विद्वान है और भरत मुनि के गहरे जानकार हैं। इस कार्यशाला से हमारे नौजवान साथियों को बहुत ही बेहतरीन जानकारी मिलेगी। हम इस कार्यशाला की सफलता के प्रति आश्वस्त हैं और इस ऐतिहासिक कार्यशाला के लिए सभी को शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं..
अशोक राही
अध्यक्ष, पीपुल्स मीडिया थिएटर जयपुर
Kaviraj-layik

राजस्थान संस्कृत अकादमी एवं राजस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित नाट्य शास्त्र कार्यशाला वास्तव में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है

13 से 17 दिसंबर के मध्य राजस्थान संस्कृत अकादमी एवं राजस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित नाट्य शास्त्र कार्यशाला वास्तव में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है रंग कर्मियों हेतु इस प्रकार के कार्यशाला की आवश्यकता है युवा रंग कर्मियों को इस कार्यशाला के माध्यम से भारत के नाट्य शास्त्र की जानकारी के साथ-साथ नाटक के विभिन्न आयामों की जानकारी के अलावा भारतीय नाट्य परंपरा की जानकारी प्राप्त होगी। युवा रंगकर्मी होने के नाते मैं स्वयं से जुड़ना चाहूंगा साथ ही चाहूंगा कि बाकी युवा जो इस क्षेत्र से हैं वह इस कार्यशाला का लाभ अवश्य लें।
कविराज लईक
युवा रंगकर्मी एवं फिल्म अभिनेता
SAURABH-SRIVASTAVA-IPS

सफल आयोजन एवम् सुव्यवस्थित संचालन हेतु मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।

नाट्यशास्त्र कार्यशाला के सफल आयोजन एवम् सुव्यवस्थित संचालन हेतु मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। कार्यशाला सार्थक परिणाम देगी एवम् प्रतिभागी लाभान्वित होंगे , इस आशा व विश्वास के साथ , शुभेच्छु
सौरभ श्रीवास्तव
अति. महानिदेशक पुलिस , राजस्थान
कलराज मिश्र

कार्यशाला में आने के लिए मैं असमर्थ हूं किंतु मेरी ओर से इस कार्यशाला के सफल होने के लिए पूर्ण रूप से शुभकामनाएं है।

कार्यशाला में आने के लिए मैं असमर्थ हूं किंतु मेरी ओर से इस कार्यशाला के सफल होने के लिए पूर्ण रूप से शुभकामनाएं है।
कलराज मिश्र
राज्यपाल - राजस्थान

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