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श्री विजयचन्द्र जी चतुर्वेदी

Sanskrit Surya

श्री विजयचन्द्र जी चतुर्वेदी

 पंच गोडावतंस स्‍मार्तकर्मप्रवीण श्री रामकुमार शर्मा चतुर्वेदी के पौत्र तथा पं. बच्‍चूलाल जी चतुर्वेदी के पुत्र के रूप में भाद्रपद शुक्‍ल 15 संवत् 1950 को जयपुर में जन्‍म हुआ। संवत् 1978 में वेदाचार्य परीक्षा उत्‍तीर्ण कर आपने जयपुर संस्‍कृत कॉलेज में सन् 1919 में अध्‍यापक कार्य भी किया । स्‍व. श्री शिवप्रताप जी वेदाचार्य आपके प्रमुख शिष्‍य थे। इसके पश्‍चात् आपने म.म. श्री प्रभुदत्‍त जी अग्निहोत्री से वेद विषय में विशेष योग्‍यता प्राप्‍त की और वाराणसी संस्‍कृत विश्‍वविद्यालय में आजीवन वेद के प्राध्‍यापक रहे। आपका निधन शिवरात्रि संवत् 1985 को हुआ । भट्ट श्री मथुरानाथ शास्‍त्री ने आपका स्‍मरण निम्‍नलिखित पद्य से किया है-

” वेदाचार्यकपदमयन् वित्‍सु विनयमयमभिनयन्

काश्‍यामध्‍यापनकरो विजयचन्‍द्रवैदिकवर:।।

आपके प्रमुख शिष्‍य श्री भगवत् प्रसाद जी वेदाचार्य थे जो आपके बाद वाराणसेय संस्‍कृत विश्‍‍वविद्यालय में वेद प्राध्‍यापक नियुक्‍त हुए ।

 

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